माउंट आबू। गुरूशिखर माउंट आबू मार्ग के मध्य स्थित वीरबाबजी की ढाल के समीप सडक पर बुधवार देर रात मगरमच्छ आ जाने से हडकंप मच गया। अचलगढ के दुकानदार दीपक त्रिपाठी ने रास्ते में एक मगरमच्छ को देखा। यह सडक के किनारे मुंह खोले शिकार की तलाश में था। दुकानदार की सूचना पर शहर में यह बात जंगल की आग की तरह फैल गई।
सैंकडो लोग घटनास्थल पर इकटटे हो गए। लोगों को देखते ही मगरमच्छ सडक के किनारे झाडियों में सटकर बैठ गया। मगरमच्छ को पकडने के लिए वनकर्मियों ने सामग्री जुटाई।
जद्दोजहज के बाद पकडा
लंबी जद्दोजहद के बाद भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून वन्यजीव अनुसंधान अधिकारी प्रकाश मर्दराज, कश्यप जानी, छोटेलाल चौरसिया, दिलीप मिश्रा की टीम ने मगरमच्छ को पकडा। उसके मुंह के ऊपरी जबडे को रस्सी से बांधकर व मुंह पर बोरी लपेट कर काबू पाया गया। मगरमच्छ को पकडने के बाद वन्यकर्मियों ने टे्रवरटैंक में छोडा दिया गया।
मानसून के दौरान अक्सर मगरमच्छ अपने पुराने स्थल को छोडकर नए आश्रयस्थल की तलाश में बाहर निकलते हैं। पानी के बाहर मगरमच्छ की शक्ति कम हो जाती है। वन विभाग की मगरमच्छों पर पूरी नजर है। सूचना मिलते ही मूल स्थान में छोडने की कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मण परमार, उपवन सरंक्षक, माउंट आबू।
सडक पर आया मगरमच्छ
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elen
on Friday, July 24, 2009
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